Shiv Chalisa Lyrics in Hindi – पढने के फायदे Suresh Wadkar Download

Shiv Chalisa का मतलब शाब्दिक रूप से शिव परचालीस चौपाई है. यह एक बहुत ही रोचक भजन है. इस भजन को Manoj Pub. Ed. Board. Manoj Publications द्वारा 2009 में लिखा एवं पब्लिश किया गया था.

Shiv Chalisa Lyrics in Hindi - Shiv Chalisa Kab Padhna Chahiye

यह भजन अपने आपके घरों में अक्सर हर महा शिवरात्रि जैसे दैनिक या विशेष त्योहारों के बाद की आरती के रूप में जरुर सुनने को मिलता है.

शिव चालीसा में शिव पुराण से अनुकूलित 40 चौपाई (छंद) शामिल हैं, और यह शिव चालीसा शिव के भक्तों और शिव उपासकों द्वारा अक्सर हर महा शिवरात्रि जैसे दैनिक या विशेष त्योहारों के बाद की आरती के रूप में गाया जाता है.

तो आज हम जानेंगे शिव चालीसा भजन के बारे में कि यह भजन कितने साल पुराना है, इस भजन के lyrics साथ ही हम इस भजन का इस्तेमाल किन शुभ अवसर पर क्यूँ करते हैं.

चलिए तो अब शुरुआत करते हैं शिव चालीसा के Shiv Chalisa Lyrics in Hindi पढने से……

Shiv Chalisa Lyrics in Hindi

दोहा

श्री गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।
आप कहते हैं अयोध्यादास, देहु अभय वरदान है।

जय गिरिजा पति दीन दयाला। हमेशा संतान करना
चाँद सो गया। नागफनी के कानन कुंडल
शेड अंग गौर शिर गंगा। अपने शरीर पर लगाएं।
कपड़े बाघमम्बर द्वारा पहने गए थे। छवि को देखते हुए नाग मुनि मोहे
मैना मातु की ह्वै दुलारी। बम अंग सोहत इमेज न्यारी॥
कर त्रिशूल सोहत छवि भारी। कार्त हमेशा शत्रु का नाश करने वाला होता है।
नंदी गणेश सोहाई तहान कैसे। समुद्र बीच में कमल की तरह है।
कार्तिक श्याम और गणरौ। या छवि को जाने न दें।
देवन जब भी जाता था फोन करता था। तभी प्रभु आप दु:खों का अंत करेंगे।
क्या उपद्रव तारक ने भारी किया। देवन सब मिली तुमहिन जुहारी
आपको तुरंत अध्ययन करना चाहिए। लवनीमेश किल मी
आप जालंधर असुर सहारा हैं। सुयश तुमहर विदित संसार
त्रिपुरासुर सूर्य ने युद्ध छेड़ दिया। कृपया मुझे बचाओ
तपह भगीरथ ने भारी किया। पूरब प्रतिज्ञा तसु पुरारी
दानिन महान तुम भी नहीं हो। दास सदा की स्तुति करता है।
वेद का नाम महिमा द्वारा गाया गया था। अकथनीय शुरुआत प्रतिष्ठित नहीं किया जा सका।
उधी के मंथन में ज्वाला प्रकट हुई। जरे सुरसुर भये विहार
कीन्ह दया तहन करी सहाय। तब नाम नीलकंठ कहाँ था?
आपने रामचंद्र की पूजा कब की थी? विजय के लिए विभीषण दीन्हा
सहस कमल में धारियाँ प्राप्त कर रहा है। फिर कौन सी परीक्षा पूरी होती है?
एक कमल भगवान राखेउ जोई। कमल नयन पूजन
भगवान शंकर ने कठोर भक्ति देखी। मनचाही दुल्हन को देखते हुए भयभीत और खुश।
जय जय जय शाश्वत अविनाशी। सबका कल्याण करें
दुष्ट घोर घृणा पीड़ादायक है। भ्रमित मत हो, मोही, आराम मत करो।
मुझे नाथ बुलाओ। इस अवसर बचाव पर मोही
लाई त्रिशूल शत्रु को मार डालो। मुसीबत से बाहर निकलें
माता पिता भाई सब। मुसीबत में कोई नहीं पूछता
प्रभु आपकी आशा है। आया हरहू, अब संकट भारी है।
कभी भी गरीब लोगों को पैसे मत दो। जो जांचता है वह फल पाता है।
मैं आपकी स्तुति कैसे कर सकता हूँ? सॉरी नाथ अब हमारी गलती है।
शंकर विघ्न विनाशक हैं। मंगल के कारण बाधाओं का नाश
योगी यति मुनि को ध्यान करना चाहिए। नारद शरद शीश नवीन
नमो नमो जय नमो शिवाय। ध्वनि ब्रह्मदिक को पार नहीं कर सकी।
जिसने इसका पाठ किया वह इसे ध्यान में लाया। शंभू सहाय
अधिकारी जो भी हो। इतना पवित्र हरि का पाठ करें
कोई बेटे को हीन नहीं बनाना चाहता। जरूर शिव प्रसाद तेही होई।
पंडित त्रयोदशी लाओ। सावधानी से घर पहुंचें
हमेशा त्रयोदशी का पालन करें। अपना शरीर मत रखो
धूप, दीपक, नैवेद्य अर्पित करें। शंकर के सामने पाठ को सुनें।
जन्म के पापों को दूर करो। शिवपुरी में रहें
कहो अयोध्या तुम्हारी आशा है। जानो कि सारा दुख हमारा है।

दोहा

प्रातः काल चालीसा का पाठ करें।
तुम मेरी इच्छा पूरी करो, जगदीश।
मगसर छठी हेमंत अतु, संवत चौंसठ जनवरी।
अस्तुति चालीसा शिवही, पूर्ण कीन कल्याण।

Shiv Chalisa Kab Padhna Chahiye

जैसा की माना जाता है की शिव चालीसा में भगवान शिव का स्तुतिगान किया गया है, वैसे तो शिव चालीसा को हम कभी भी किसी भी दिन पढ़ सकते हैं.

लेकिन शास्त्रों की माने तो हमे इसे सोमवार के दिन जिसे भगवान शंकर (Bhagwan Shankar) का दिन माना गया है, हर सोमवार के दिन हमें इसका चयन सुबह उठकर नहा-धो कर करना चाहिए. हमे इसका पाठ करने पर विशेष रूप से एक फलदायी जीवन एवं कष्ट निवारण जीवन देखने को मिल सकता है.

Shiv Chalisa Original

।।दोहा।।

श्री गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।
कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥

जय गिरिजा पति दीन दयाला। सदा करत सन्तन प्रतिपाला॥
भाल चन्द्रमा सोहत नीके। कानन कुण्डल नागफनी के॥
अंग गौर शिर गंग बहाये। मुण्डमाल तन छार लगाये॥
वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे। छवि को देख नाग मुनि मोहे॥
मैना मातु की ह्वै दुलारी। बाम अंग सोहत छवि न्यारी॥
कर त्रिशूल सोहत छवि भारी। करत सदा शत्रुन क्षयकारी॥
नन्दि गणेश सोहै तहँ कैसे। सागर मध्य कमल हैं जैसे॥
कार्तिक श्याम और गणराऊ। या छवि को कहि जात न काऊ॥
देवन जबहीं जाय पुकारा। तब ही दुख प्रभु आप निवारा॥
किया उपद्रव तारक भारी। देवन सब मिलि तुमहिं जुहारी॥
तुरत षडानन आप पठायउ। लवनिमेष महँ मारि गिरायउ॥
आप जलंधर असुर संहारा। सुयश तुम्हार विदित संसारा॥
त्रिपुरासुर सन युद्ध मचाई। सबहिं कृपा कर लीन बचाई॥
किया तपहिं भागीरथ भारी। पुरब प्रतिज्ञा तसु पुरारी॥
दानिन महं तुम सम कोउ नाहीं। सेवक स्तुति करत सदाहीं॥
वेद नाम महिमा तव गाई। अकथ अनादि भेद नहिं पाई॥
प्रगट उदधि मंथन में ज्वाला। जरे सुरासुर भये विहाला॥
कीन्ह दया तहँ करी सहाई। नीलकण्ठ तब नाम कहाई॥
पूजन रामचंद्र जब कीन्हा। जीत के लंक विभीषण दीन्हा॥
सहस कमल में हो रहे धारी। कीन्ह परीक्षा तबहिं पुरारी॥
एक कमल प्रभु राखेउ जोई। कमल नयन पूजन चहं सोई॥
कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर। भये प्रसन्न दिए इच्छित वर॥
जय जय जय अनंत अविनाशी। करत कृपा सब के घटवासी॥
दुष्ट सकल नित मोहि सतावै । भ्रमत रहे मोहि चैन न आवै॥
त्राहि त्राहि मैं नाथ पुकारो। यहि अवसर मोहि आन उबारो॥
लै त्रिशूल शत्रुन को मारो। संकट से मोहि आन उबारो॥
मातु पिता भ्राता सब कोई। संकट में पूछत नहिं कोई॥
स्वामी एक है आस तुम्हारी। आय हरहु अब संकट भारी॥
धन निर्धन को देत सदाहीं। जो कोई जांचे वो फल पाहीं॥
अस्तुति केहि विधि करौं तुम्हारी। क्षमहु नाथ अब चूक हमारी॥
शंकर हो संकट के नाशन। मंगल कारण विघ्न विनाशन॥
योगी यति मुनि ध्यान लगावैं। नारद शारद शीश नवावैं॥
नमो नमो जय नमो शिवाय। सुर ब्रह्मादिक पार न पाय॥
जो यह पाठ करे मन लाई। ता पार होत है शम्भु सहाई॥
ॠनिया जो कोई हो अधिकारी। पाठ करे सो पावन हारी॥
पुत्र हीन कर इच्छा कोई। निश्चय शिव प्रसाद तेहि होई॥
पण्डित त्रयोदशी को लावे। ध्यान पूर्वक होम करावे ॥
त्रयोदशी ब्रत करे हमेशा। तन नहीं ताके रहे कलेशा॥
धूप दीप नैवेद्य चढ़ावे। शंकर सम्मुख पाठ सुनावे॥
जन्म जन्म के पाप नसावे। अन्तवास शिवपुर में पावे॥
कहे अयोध्या आस तुम्हारी। जानि सकल दुःख हरहु हमारी॥

॥दोहा॥

नित्त नेम कर प्रातः ही, पाठ करौं चालीसा।
तुम मेरी मनोकामना, पूर्ण करो जगदीश॥
मगसर छठि हेमन्त ॠतु, संवत चौसठ जान।
अस्तुति चालीसा शिवहि, पूर्ण कीन कल्याण॥

Shiv Chalisa Ke Fayde
  • देखा जाए तो शिव चालीसा का पाठ कैसे किया जाए:
    • सोमवार  की सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, और साफ कपड़े पहन कर एक साफ़ जगह बैठ जाएँ.
    • ध्यान रखें आप आपका मुंह पूर्व दिशा की और ही रखें और साफ आसन पर बैठें.
  • अगर आप आपके किसी तरह के मन का भय दूर करना चाहते हैं तो आपको निम्न पंक्ति पढने की सलाह दी जाती है. इन पंक्तियों का चयन 27 बार सुबह भगवान शिव के सामने पढने से लाभ होगा.

जय गणेश गिरीजा सुवन’ मंगल मूल सुजान |

कहते अयोध्या दास तुम’ देउ अभय वरदान ||

  • अगर आप आपके किसी तरह के दुखों से मुक्ति पाना चाहते हैं तो आपके लिए निम्न पंक्ति हैं. इन पंक्तियों को 11 बार रात्रि में पढ़ कर सो जाएँ और कार्य सिद्ध हो जाने पर निर्धन लोगों को सफेद मिठाई जरूर बाटें, इस से आपका कार्य भी होजय्गा और कई सारे गरीबों के वस्त्र की इच्छाभी पूरी हो जाएगी.

देवन जबहिं जाय पुकारा’ तबहिं दुख प्रभु आप निवारा ||

  • अगर आप आपके किसी तरह के किसी भी कार्य को सिद्ध करना चाहते हैं तो निम्न पंक्ति का चयन करें. इन पंक्तियों को 13 बार शाम के समय पढने से आपको नींद भी कम आएगी एवं आपको आपका कार्य सिद्ध होता भी नज़र आएगा. अगर आप एसा प्रतिदिन लगातार 27 दिनों  तक करते हैं तो आपको जरुर उस कार्य में सिद्धि देखने को मिल सकती है.

पूजन रामचंद्र जब कीन्हा’ जीत के लंक विभीषण दीन्हा ||

  • अगर आप आपके लिए एक मनोवांछित वर प्राप्ति करना चाहते हैं तो निम्न पंक्ति का चयन करें. इन पंक्तियों को मनोवांछित वर की प्राप्ति के लिए सुबह के समय 54 बार करना होगा. इस प्रक्रिया को आपको 21 दिनों तक लगातार करना होगा. 

कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर’ भाई प्रसन्न दिए इच्छित वर ||

  • अगर आप आपके किसी तरह के धन धान्य की वृद्धि करना चाहते हैं तो निम्न पंक्ति का चयन करें. इन पंक्तियों को आपको 11 बार सुबह के वक़्त में प्रतिदिन पढना होगा.

धन निर्धन को देत सदा ही’ जो कोई जांचे सो फल पाही ||

Shiv Chalisa only Lyrics

॥ Doha॥

Shri Ganesh Girija Suvan, Mangal Mool Sujan.
You Say Ayodhyadas, Dehu Abhay Is a Boon.

Jai Girija Husband Deen Dayala. Always Doing Progeny
The Moon Fell Asleep. Kanan Kundal of Hawthorn
Shed Anga Gaur Shir Ganga. Put on Your Body.
The Clothes Were Worn by Baghamber. Nag Muni Mohe Looking at The Image
The Darling of Mother Maina. Bam Ang Sohat Image Nyari॥
Kar Trishul Sohat Image Heavy. Kart Is Always the Enemy’s Destroyer.
Nandi Ganesh Sohai Tahan How. the Ocean Is Like a Lotus in The Middle.
Kartik Shyam and Ganarau. or Don’t Let the Image Go.
Devan Called Whenever He Went. only Then Lord Will You End the Sorrow.
Did Nuisance Tarak Heavy. Devan Sab Mili Tumhin Juhari
You Should Study Immediately. Lovenimesh Kill Me
You Are the Jalandhar Asura Sahara. Suyash Tumhar Vidit Samsara
Tripurasur Sun Waged War. Everyone Please Save Me
Did Tapah Bhagirath Heavy. Purab Pratigya Tasu Purari॥
Danin Mahan You Are Not Even. the Servant Praises Forever.
The Name of The Veda Was Sung by Glory. the Unspeakable Beginning Could Not Be Distinguished.
The Flame Manifested in The Churning of Udhi. Jare Surasur Bhaye Vihala
Keenh Mercy Tahan Curry Sahayee. Then Where Was the Name Neelkanth?
When Did You Worship Ramchandra? Vibhishana Dinha for Victory
Sahas Getting Stripes in Lotus. Which Exam Is Then Complete?
One Lotus Lord Rakheu Joi. Kamal Nayan Poojan
Lord Shankar Saw Hard Devotion. Fearful and Happy Given the Desired Bride.
Jay Jay Jay Eternal Indestructible. Do All’s Favors
Wicked Gross Hatred Is Tormenting. Don’t Be Confused, Mohi, Don’t Rest.
Call Me Nath. Mohi on This Opportunity Salvage
Lai Trishul Kill Shatrun. Get out Of Trouble
Mother Father Brother Everyone. No One Asks in Trouble
Lord Is Your Hope. Aay Harhu, Now the Crisis Is Heavy.
Never Give Money to Poor People. Whoever Checks Finds the Fruit.
How Can I Praise You? Sorry Nath Is Now Our Mistake.
Shankar Is the Destroyer of Trouble. Destruction of Obstacles Due to Mars
Yogi Yeti Muni Should Meditate. Narad Sharad Sheesh Navain
Namo Namo Jai Namo Shivaay. the Sound Could Not Cross the Brahmadik.
The One Who Recited This Brought It to Mind. Shambhu Sahai
Whoever Is the Officer. Recite so Holy Hari
No One Wants to Make a Son Inferior. Surely Shiv Prasad Tehi Hoi.
Bring the Pandit Trayodashi. Get Home Carefully
Always Observe Trayodashi. Don’t Keep Your Body
Offer Incense, Lamp, Naivedya. Listen to The Text in Front of Shankar.
Take Away the Sins of Birth. Stay in Shivpur
Say Ayodhya Is Your Hope. Know that The Whole Sorrow Is Ours.

॥ Doha॥

In the Morning, Recite Chalisa.
You Fulfill My Wish, Jagdish.
Magasar Chhathi Hemant Atu, Samvat Sixty-Four Jan.
Astuti Chalisa Shivahi, Complete Keen Welfare.

Shiv Chalisa Lyrics in Hindi Download
Shiv Chalisa Paath

शिव चालीसा पाठ की Youtube Video आपको निचे देखने को यहाँ मिल जाती है.

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